Category Archives: Shayari

मोह हो ना रियासत का और ना ही सियासत का |
मोह हो ना रियासत का और ना ही सियासत का |
अगर हो तो सिर्फ़ गर्व हो अपने देश की आध्यात्मिक विरासत का ||

जय हिन्द.

-ऋभू वी.

हे ऊपरवाले वो तराना ही क्या, वो ज़माना ही क्या |
हे ऊपरवाले वो तराना ही क्या, वो ज़माना ही क्या ||

जो तेरे मायूस बाशिंदो की खिदमत के काम ना आ सके वो खज़ाना ही क्या …

-ऋभू वी.

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